शनिवार, 15 जुलाई 2017

गुजरा हुआ पल एक ख्वाब होता चला गया
वह जितना दूर गया एक राज होता चला गया
मैं उसके बिना एक पल भी गुजारा नहीं
वह जब दूर गया तो मैं उदास होता चला गया
गुजरा हुआ पल.........

उसके साथ जीवन का हर पल गुजारना चाहता था उसके गम व खुशी को दिल में सवारना चाहता था
एक ख्वाहिश मेरे दिल की जो ख्वाब होता चला गया गुजरा हुआ पल.....

वह पास बैठ जाते मेरे दिल के दरवाजे पर
जैसे पहरा हो उनका मेरे हर एक इरादे पर
अश्क निकलने से से चेहरा बेदाग होता चला गया
गुजरा हुआ पल....

मैं सोचता था एक दिन वह मेरे हो जाएंगे
बिना उनके एक पल हम नहीं सो पाएंगे
दिल टूटा तो जर्रे-जर्रे से आवाज होता चला गया
गुजरा हुआ पल......

आप सुन ले में जहां से मोहब्बत की उम्मीद ना करना दिल लाख कोशिश करे लेकिन आप जिद ना करना

(और यदि मन न मानों तब)

देख लो तेरा यश कैसे बर्बाद होता चला गया
गुजरा हुआ पल एक ख्वाब होता चला गया।

© प्रवीन यश
कोईराजपुर, वाराणसी
09450112497
08423841557


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