सोमवार, 24 जुलाई 2017

उनके चेहरे पे खुशियां सलामत रहे
उनकी हरपल हँसी में कयामत रहे
उनके जीवन में हमसा हजारों मिलें
जिनके दिल में समायी सी चाहत रहे......
हम मिलें ना मिले कोई गम भी नहीं
जितना हम मिल गए हैं वो कम भी नहीं
अब भले ही मोहब्बत वो ना है बची
जो बची है वही बस सलामत रहे
उनकी हर पल हंसी में कयामत रहे......
उनको वो सब मिले जो मुझे ना मिला
फूल वो भी खिले जो यहाँ ना खिला
उमर भर उनका दामन महकता रहे
कांटों से उनका आँचल सलामत रहे
उनकी हर पल हंसी में कयामत रहे......
यश तो उनकी हरपल भलाई सुना
उनके जीवन में रिश्तों का ताना बुना
आधी उमर पत्थरों सी रही उनकी
आधी में सोने चांदी की आदत रहे
उनकी हर पल हंसी में कयामत रहे...... हे ईश्वर उनके चेहरे पे खुशियां सलामत रहे
©प्रवीन यश
हरहुआ, वाराणसी
9450112497


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