कभी मिले तो दिल की आवाज कह दूं
जो दिल में छुपाया है वह राज कह दूं
कभी मिले तो दिल की आवाज कह दूं
वो मजलिस भरे सपने जो लगते थे अपने
एक तेरे ही प्यार में लग गए जिनको रंगने
जीवन के वो दिन और वो रात कह दूँ
कभी मिलो तो दिल की आवाज कह दूं
कितना अश्क गिरते हैं तन्हा अकेले में
हम अब तड़प रहे हैं गम के तबेले में
महसूस नहीं कर पाए वो एहसास कह दूं
कभी मिलो तो दिल की आवाज कह दूं
यश दुनिया के भीड़ में खो कर क्या मिला
ना मिली खुशियां कोई ठोकर बड़ा मिला
कुछ अच्छी-2 बातें कुछ खराब कह दूं
कभी मिलो तो दिल की आवाज कह दूं
© प्रवीन यश
कोईराजपुर, वाराणसी
09450112497
08423841557
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