अब तो खुश रहेंगे मुझे रुलाने के बाद
याद नहीं आएंगे अब भूल जाने के बाद
उनको खुश देखने को कितना गम झेलना पड़ा
दुनिया का हर जुल्मों और सितम झेलना पड़ा
खुश हो गए हस्ती मेरी मिटाने के बाद
याद नहीं आएंगे अब.......
सोचता हूं क्या बुरा किया मैंने उनके साथ
पहले थामकर अब छोड़ने लगे हैं मेरे हाथ
रुकेंगे अश्क ना तेरे मेरे चले जाने के बाद
याद नहीं आएंगे अब.......
ना मिलेगा कोई यश जैसा कुर्बान होने वाला
कौन होगा जहां में तेरा दिल जान होने वाला
तब हँसेगी दुनियां तुझको रुलाने के बाद
याद नहीं आएंगे अब भूल जाने के बाद
© प्रवीन यश
कोईराजपुर, वाराणसी
09450112497
08423841557
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