शनिवार, 15 जुलाई 2017

अब तो खुश रहेंगे मुझे रुलाने के बाद
याद नहीं आएंगे अब भूल जाने के बाद
उनको खुश देखने को कितना गम झेलना पड़ा
दुनिया का हर जुल्मों और सितम झेलना पड़ा
खुश हो गए हस्ती मेरी मिटाने के बाद
याद नहीं आएंगे अब.......

सोचता हूं क्या बुरा किया मैंने उनके साथ
पहले थामकर अब छोड़ने लगे हैं मेरे हाथ
रुकेंगे अश्क ना तेरे मेरे चले जाने के बाद
याद नहीं आएंगे अब.......

ना मिलेगा कोई यश जैसा कुर्बान होने वाला
कौन होगा जहां में तेरा दिल जान होने वाला
तब हँसेगी दुनियां तुझको रुलाने के बाद
याद नहीं आएंगे अब भूल जाने के बाद

© प्रवीन यश
कोईराजपुर, वाराणसी
09450112497
08423841557


0 टिप्पणियाँ:

एक टिप्पणी भेजें

कुछ खोजना हो तो यहां से खोजें

योगदान देने वाला व्यक्ति

पिता जी के सर की ताज है बेटी, हंसता हुआ एक समाज है बेटी

पिता जी के सर की ताज है बेटी हंसता हुआ एक समाज है बेटी लेकिन बेटी ऐसे नहीं हो सकती जैसे नजर आयी आज है बेटी पिता से है खतरा बता वो रह...

कुछ नया सोचने की आदत है हममे। कुछ नया करने की फितरत है हममें।।
क्या पता तकदीर कल कहॉ ले जाये। यू आज ही में जीने की चाहत है हममें।।

मेरे पापुलर अल्फाज....

Blog Archive