शनिवार, 3 नवंबर 2012
















बडी तकलीफ होती गर जहॉ में प्यार ना होता।।


बडी तकलीफ होती गर जहॉ में प्यार ना होता
किसी कि याद में झगडा कोई टकरार ना होता
अगर पडती जरूरत जब कभी रिस्ते निभाने की
तो साथी हर काई होता पर वफादार ना होता।।
बडी तकलीफ होती गर जहॉ में प्यार ना होता.....................

बडा मुश्किल हो जाता जिन्दगी का तय सफर करना
बडा ही कम हो जाता इस जहॉ में रूठकर मरना
जहॉ साथ देने का तो वादा हर कोई करता
पकड तो हाथ सब लेते पर खेवनहार ना होता।।
 बडी तकलीफ होती गर जहॉ में प्यार ना होता.......................

कोई रातों को खुब सोता कोई दिन रात खुब रोता
कोई पत्थर से कांटो से कोई फुलों से खुश होता
सभी का दिल जुदा होता जुदाई नाम ना होती
तडपता दिल नहीं तनका कोई बीमार ना होता।।
बडी तकलीफ होती गर जहॉ में प्यार ना होता..................................................

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