जिन्दगी का सफर मौत से है कठीन
जो है जिन्दा यहॉ उनसे ही पुछ लो।
ना यकीं हो तुम्हें गर मेरी बात पर
तो सवालात कुछ खुद से ही पुछ लो।।
जो है जिन्दा यहॉ उनसे ही पुछ लो।
ना यकीं हो तुम्हें गर मेरी बात पर
तो सवालात कुछ खुद से ही पुछ लो।।
पिता जी के सर की ताज है बेटी हंसता हुआ एक समाज है बेटी लेकिन बेटी ऐसे नहीं हो सकती जैसे नजर आयी आज है बेटी पिता से है खतरा बता वो रह...
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