ये मोहब्बत में ऐसा क्यों होता है
आखे नम रहती है दिल रोता है।
ये मोहब्बत में ऐसा क्यों होता है।।
सोचा लेकिन कोई बात समझ नहीं पाया
धोखा हुआ राह में तो बच नहीं पाया
कोई जागता रात दिन कोई बेचैन सोता है।
ये मोहब्बत में क्यों ऐसा होता है।।
तोड कर दिल मेरा खुश हो रहे हैं वो
सोचता है दिल अभी भी रो रहे हैं वो
तोडना ही है दिल तो किसने उन्हें रोका है।
ये मोहब्बत में ऐसा क्यों होता है।
पागल बना दिया उनकी मोहब्बत ने
मर जाउगा शायद उनकी चाहत में
सोचता रात दिन क्यों धोखा होता है
ये मोहब्बत में ऐसा क्यों होता है।
आजा तेरा आज भी इन्तजार है मुझको
आजा केवल तेरा ही दीदार है मुझको
पूछता है दिल प्रवीन तू क्यों रोता है
प्यार में तो अक्सर धोखा होता है
हॉ कसम से प्यार में अक्सर धोखा होता है।
ऑखें भी नम रहती हैं और दिल रोता है।

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