चंद रुपयों के खातिर ईमान बेचने वाले बहुत हैं
राजनीति के नाम पर गीता-कुरान बेचने वाले बहुत हैं।
मर गए गोरखपुर में दर्जनों बच्चे बिना ऑक्सीजन के
घर में ही नंगा हो गए साहब इंसान देखने वाले बहुत हैं।।
गलती इसकी है या उसकी है शोर मंत्रालय में मचा है
सब डैकत भ्रष्टाचारी हैं सच्चा कौन मंत्रालय में बचा है
कहते हो यह सुशासन है शर्म करो साहब, तेरे लोग ही
तेरे सुशासन को खुले आम बेचने वाले बहुत हैं।
राजनीति के नाम पर गीता-कुरान बेचने वाले बहुत हैं।।
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